श्री राम जी की स्तुति

।। छंद ।। श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन, हरण भवभय दारुणम्। नव कंजलोचन कंज मुखकर, कंज पद कंजारूणम्। कंदर्प अगनित अमित छवि नव, नील निरज सुन्दरम्। पट्पीत मानहुं तडित रुचि शुचि, नौमी जनक सुतावरम्। भजु दीनबंधु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकंदनम्। रघुनंद...

श्री राम जी की आरती

आरती कीजै श्री रामचंद्रजी की, दुष्टदलन सीतापति जी की। पहली आरती पुष्पन की माला, काली नाग नाथ लाये गोपाला। दूसरी आरती देवकिनदंन, भक्त उबारन कंस निकन्दन। तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे, रत्न सिंहासन सीता राम जी सोहे। चौथी आरती चहुँ युग पूजा,...

सांई बाबा की आरती

आरती श्री सांई गुरुवर की परमानन्द परम सुखवर की। जाकी कृपा विपुल सुखकारी, दु:ख शोक संकट भय हारी। आरती श्री सांई गुरुवर की परमानन्द परम सुखवर की… शिरडी में अवतार रचाया चमत्कार से जग हर्षाया, जितने भक्त शरण में आये सब...

सत्यनारायण जी की आरती

जय लक्ष्मीरमना स्वामी जय लक्ष्मीरमना, सत्य नरायन स्वामी जन पातक हरणा।स्वामी जय लक्ष्मीरमना… रत्न जड़ित सिंघासन अद्भुत छवि राजे, नारद करत निरंजन घंटा ध्वनि बाजै। ऊँ जय लक्ष्मीरमना… प्रगट भये कलि कारण द्विज को दरश दियो, बूढ़ों ब्राह्मण बनकर, कंचन महल...

श्री कृष्ण जी की आरती

आरती कुंज बिहारी की श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की। गले में वैजयंती माला, बजावे मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुंडल झलकाला, नंद के आनंद, मोहन ब्रज चंद, परम आनंद, राधिका रमन बिहारी की। श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की।आरती कुंज बिहारी, श्री...

हनुमान जी की आरती

आरती कीजे हनुमान लला की,दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरीवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांकै। अंजनि पुत्र महाबल दाई, संतन के प्रभु सदा सहाई। दे बीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारी सिया सुधि लाये। लंका सो कोट...

शिव जी की आरती

ऊँ जय शिव ओंकारा स्वामी जय शिव ओंकारा, ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा। ऊँ हर हर हर महादेव… एकानन चतुरानन पंचानन राजे, हंसासन गरुड़ासन बृषवाहन साजे। ऊँ हर हर हर महादेव… दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज ते सोहे, तीनों रुप...

जगदीश जी की आरती

ऊँ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनो के संकट क्षण में दुर करे । ऊँ जय जगदीश हरे… जो ध्यावे फल पावे दु:ख विनसै मनका, सुख संपत्ति घर आवे कष्ट मिटे तनका।ऊँ जय जगदीश हरे… मात पिता तुम...

श्री गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा। जय गणेश— एक दंत दयावंत चार भुजा धारी, मस्तक सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी| जय गणेश— अंधन को आंख देते कोढ़िन को काया, बांझन को पुत्र देत निर्धन को...

Vishnu Puran kya hai?

वेद व्यास जी द्वारा लिखे 18 ग्रंथो में विष्णु पुराण एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में भगवन विष्णु के अवतारों का एवं उनके चरित्र का वर्णन किया गया है। इस पुराण के रचिता वेद व्यास जी के पिता पराशर जी...